॥ विराट रामायण मंदिर ॥
"विश्व के सबसे विशाल हिंदू मंदिर परिसरों में से एक, भगवान राम एवं माता सीता को समर्पित"
🌄 परिचय
विराट रामायण मंदिर बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में चकिया के निकट कैथवालिया और बहुआरा गाँवों में स्थित एक भव्य निर्माणाधीन मंदिर परिसर है। इसकी वास्तुकला कंबोडिया के अंगकोर वाट से प्रेरित है। यह 2026 तक पूर्ण होने की उम्मीद है और इसका निर्माण 500 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है।
📍 स्थान
कैथवलिया, NH-227A, चकिया-केसरिया रोड, पूर्वी चंपारण, बिहार
26.382°N, 84.933°E
🏗️ विशेषताएँ
ऊँचाई 123 मीटर (अंगकोर वाट से दोगुनी), 20,000 लोगों की क्षमता वाला हॉल, 18 मंदिर
🛕 प्रेरणा स्रोत
अंगकोर वाट (कंबोडिया), रामनाथस्वामी मंदिर (रामेश्वरम), मीनाक्षी मंदिर (मदुरै)
🔱 विशाल शिवलिंग स्थापना
17 जनवरी 2026 को विश्व के सबसे बड़े शिवलिंगों में से एक की स्थापना हुई। यह काला ग्रेनाइट से निर्मित, 33 फीट ऊँचा और 210 टन भारी है। इसे तमिलनाडु के महाबलीपुरम में तराश कर बिहार लाया गया। यह शैव-वैष्णव एकता का प्रतीक है।
📜 ट्रस्ट एवं प्रशासन
मंदिर का निर्माण पटना स्थित महावीर मंदिर ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है। ट्रस्ट के अध्यक्ष न्यायमूर्ति बी.एन. अग्रवाल (सेवानिवृत्त) हैं तथा सचिव आचार्य किशोर कुणाल (सेवानिवृत्त IPS) हैं। टाटा कंपनी निर्माण का कार्य कर रही है, जिसके सिविल कार्यों का उपठेका सनटेक इंफ्रा सॉल्यूशंस को दिया गया है।